दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
Dairy Development Department, Uttar Pradesh

जिला सेक्टर के अन्तर्गत संचालित योजनायें, दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश, डेयरी, डेयरी यू पी, दुग्ध विभाग

जिला सेक्टर के अन्तर्गत संचालित योजनायें

दुग्ध संघों / समितियों के सुदृढ़ीकरण, पुर्नगठन एवं विस्तार (सामान्य / एस०सी०पी०)
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दुग्ध उत्पादन में दुग्ध उत्पादक सदस्यों की भागीदारी बढाने हेतु दुग्ध संघों/समितियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। इसके अन्तर्गत ग्रामीण अंचलों में दुग्ध सहकारी समितियों को गठित व बन्द दुग्ध समितियों को पुनर्गठित कर ग्रामीण दुग्ध समितियों को संचालित करने के लिए कार्यशील पूंजी, प्रबन्धकीय अनुदान, यातायात अनुदान, हेड लोड अनुदान दुग्ध केन्द्रों एवं समिति पर वांछित अन्य आवश्यक उपकरण वाहन, दुग्धशाला/अवशीतन केन्द्रों की स्थापना, विस्तार एवं भूमि क्रय आदि की व्यवस्था है।

दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हेतु दुग्ध उत्पादकों को तकनीकी निवेश योजना (सामान्य / एस०सी०पी०)
इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश की समस्त दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों के दुधारू पशुओं को तकनीकी निवेश सुविधायें (पशु प्रजनन एवं पशु स्वास्थ्य कार्यक्रम) यथा डीवार्मिंग, टीकाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार, काफरैली आदि सुविधा उपलब्ध कराते हुए उनके पशुओं के स्वास्थ्य, नस्ल सुधार करके दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि लाया जाना है।
इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश की समस्त दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों के दुधारू पशुओ को तकनीकी निवेश कार्यक्रम (टी0आई0पी0) के अन्तर्गत दुग्ध उत्पादको के पशुओं को स्वस्थ रखने एवं बीमारियों से बचाने हेतु डिर्वमर, मैस्टाइटिस एवं टिक कन्ट्रोल आदि की दवायें वितरित की जाती है।

कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम (सामान्य / एस०सी०पी०)
दुग्ध विकास विभाग के अन्तर्गत संचालित सहकारी प्रशिक्षण संस्थाओं में ए0आई0 कार्यकर्ता, प्रबन्ध कमेटी सदस्य, ए0आई0 रिफ्रेसर, प्रोग्रेसिव प्रोड्यूसर, क्लीन मिल्क प्रोड्यूसर, मार्केटिंग स्टाफ, ए0एम0सी0यू0 व बी0एम0सी0 आपरेटर आदि के प्रशिक्षण कार्य आच्छादित है, साथ ही उपभोक्ताओं एवं दुग्ध उत्पादकों के जागरूकता हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।