Pradeshik Cooperative Dairy Federation, Uttar Pradesh

प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन, उत्तर प्रदेश

अवलोकन

दुग्ध सहकारिता वास्तव में दुग्ध उत्पादकों एवं संस्था द्वारा एक समान उद्देश्य की प्राप्ति के लिये मिलकर किया गया प्रयास है जिसमें दोनों पक्ष लाभ अर्जित करते है।

  • उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है जो भारत के कुल दूध उत्पादन का 17% योगदान देता है। वर्ष 2016-17 में राज्य का कुल दुग्ध उत्पादन 27770 हजार किलोग्राम प्रति दिन था।
  • देश में दुग्ध सहकारिता का प्रारंभ 1917 में कटरा दुग्ध समिति, इलाहाबाद के गठन से हुआ. यह देश की सबसे पुरानी सहकारी समिति थी।
  • वर्ष 1938 में लखनऊ मिल्क यूनियन के गठन के सफल प्रयासों से उत्तर प्रदेश को इस क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य होने का श्रेय प्राप्त हुआ।
  • विश्व बैंक के प्रतिष्ठित ऑपरेशन फ्लड प्रोग्राम को लागू करने के लिए वर्ष 1970-71 में उत्तर प्रदेश में पी०सी०डी०एफ० का चयन क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में किया गया।
  • प्रदेश स्तर पर पी०सी०डी०एफ० द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की विक्रय व्यवस्था पराग ब्राण्ड नाम से की जाती है
  • दुग्ध उत्पादक सदस्यों को पराग ब्राण्ड नाम से संतुलित पशु आहार स्वयं की 03 पशु आहार निर्माणशालाओं यथा वाराणसी, मेरठ एवं अम्बेडकरनगर में निर्मित कराया जाता है।
  • अलीगढ़ में स्थित बीज उत्पादन, विधायन एवं विपणन इकाई, दुधारू पशुओं के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले चारा उत्पादन हेतु किसानों को वितरण के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले चारा बीज का उत्पादन करता है।
  • पशु पालन एवं अन्य तकनीकी ज्ञान वर्धन हेतु पी०सी०डी०एफ० द्वारा 04 सहकारी डेरी प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान कार्यरत है।