दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
Dairy Development Department, Uttar Pradesh

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विभागीय कार्यक्रम

  • आटोमेटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट व बल्क मिल्क कूलर की स्थापना- इस योजनान्तर्गत ग्रामीण अंचलों में नई गठित, पुर्नगठित समितियों को वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर दूध की नाप-तौल, परीक्षण, व दुग्ध मूल्य की जानकारी तत्काल दुग्ध उत्पादक को प्राप्त कराने, पूर्ण पारदर्शिता, समिति के प्रति विश्वास व जागरूकता उत्पन्न होने हेतु इस संयंत्र की स्थापना दुग्ध समितियों में की जा रही है तथा 5 से 10 समितियों के क्लस्टर यूनिट बनाने हेतु बल्क मिल्क कूलर लगाये जा रहे है। इसमें दूध की तत्काल चिलिंग की प्रकिया होने से दूध की गुणवत्ता बनी रहेगी।
  • सूचना तकनीकी व कम्प्यूटरीकरण योजनान्तर्गत (ई-गवर्नेन्स) समस्त दुग्धसंघों के क्रियाकलापों को आधुनिक पद्धति पर एकरूपता लाने हेतु संचार व्यवस्था व कम्प्यूटरीकरण की व्यवस्था करते हुए मुख्यालय से नेटवर्क स्थापित किया जा रहा है।
  • दुग्ध विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों व परियोजनाओं के चालन एवं प्रभावी अनुश्रवण करने तथा दुग्ध उत्पादकों/उपभोक्ताओं को दुग्ध विकास कार्यक्रम से लाभान्वित कराने, उनके हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त जनपदीय/मण्डलीय कार्यालयों का आधुनिकीकरण व सुदृढ़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है।
  • प्रदेश की दुग्ध समितियों के दुग्ध उत्पादकों के दुधारू पशुओं को ‘तकनीकी निवेश’ के अंतर्गत कृतिम एवं प्राकृतिक गर्भाधान केन्द्रों की स्थापना से नस्ल सुधार की सुविधा उपलब्ध कराते हुए पशु स्वास्थ्य कार्यक्रम यथा- डिवर्मिगं, टीकाकरण, ए0आई आदि की व्यवस्था कर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हेतु कार्यवाही की जा रही है।
  • सहकारिता क्षेत्र में दुग्ध व्यवसाय से जुड़े उपार्जन संबंधी फील्ड स्टाफ एवं विपणन स्टाफ, समिति सदस्यों/दुग्ध उत्पादकों तथा कार्यालय स्तरीय कर्मचारियों/ अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना।